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FASTag/NHAI/Use of fastagफास्टैग

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फास्टैग.. फास्टैग (FASTag) भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है  जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(NHAI)  द्वारा संचालित किया जाता है फास्टैग उपयोग करने के लिए काफी सरल है  रीलोडेबल टैग टोल शुल्क में स्वत: कटौती को सक्षम बनाता है और नकद लेनदेन के लिए रुके बिना टोल प्लाजा से गुजरने देता है फास्टैग  एक प्रीपेड खाते से जुड़ा हुआ है जिसमें से लागू टोल  राशि काटी जाती है FASTAG कंपनी कर या निगम कर (CORPORATION TAX)--- फास्टैग राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC)  कार्यक्रम का एक हिस्सा है जो  भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम(NPCI) द्वारा (NHAI) और  भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड(IHMCL)  के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू किया गया है  फास्टैग  के लाभ..    ईंधन और समय की बचत-     फास्टैग को टैग रीडर द्वारा पढ़ा जाता है और टोल राशि स्वचालित रूप से काट दी जाती है इसलिए टोल पर दुखने की कोई आवश्यकता नहीं है ऑनलाइन रिचार्ज- फास्टैग को कई मोडस अर्थात NEFT / ...

‌आज मैं आपको बैलेंस शीट बनाना सिखाओ

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‌आज मैं आपको बैलेंस शीट बनाना सिखाओ , जब कोई व्यवसाय की अपनी स्थिति जानने के लिए कोई स्थिति विवरण तैयार करता है या कोई स्टेटमेंट तैयार करता है तो उसे आर्थिक चिट्ठा या बैलेंस शीट कहते हैं इसे हम लोग स्थिति विवरण के नाम से भी जानते हैं बैलेंस शीट में प्राया दो पछ  होते हैं पहला पक्ष दायित्व  तथा दूसरा पक्ष संपत्ति पर  है ‌ सबसे पहले हम लोग दायित्व पक्ष की चर्चा करेंगे  दायित्व पक्ष में प्राया कैपिटल जिसे हम लोग पूंजी के नाम से जानते हैं उसका अमाउंट लिखते हैं उसके बाद उसमें यदि कोई शुद्ध लाभ या शुद्ध हानि दी है तो उसे ऐड या लेस करते हैं उसके बाद जो अंतर आता है उसके बाद जो टोटल अमाउंट आती है वह हम लोग में अमाउंट के कॉलम में लिख देते हैं ‌ फिर उसके बाद लेनदार पर चर्चा करेंगे लेनदार भी व्यक्ति होते हैं जिनको हमें पैसा देना है अथवा हमारा यह दायित्व है कि हमें उनका रुपए देना है तो वह हमारी दायित्व पक्ष में आते हैं ‌ उसके बाद यदि कोई बिल्स पेबल याद एविल है तो उसका भी हम लोग पेमेंट करते हैं ‌ यदि विवरण में कोई आदत मजदूरी आदत वेतन या फिर आदत कोई भी चीज हो तो ...

अर्थव्यवस्था से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी

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              सामान्य ज्ञान अर्थव्यवस्था अर्थव्यवस्था में मुद्रा के तुल्य और कीमत सत्तर के बिच का किया सम्बन्ध है --   प्रतिलोम  भारत में सबसे पुराण स्टॉक एक्सचेंज किस शहर में है -- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज  वह भारतीय राज्य जिसका वित्तीय लइंडेन भारतीय रिजर्व बैंक से नहीं होता है -- जम्मू-कश्मीर  स्टैगफ्लेशन की सिथति कैसी होती है -- गतिरोध और मुद्रास्फीति की  योजना आयोग का गठन किस साल में हुआ -- 1950  योजन आयोग का अध्य कौन होता है -- प्रधानमंत्री  राष्ट्रीय विकास परिषद् का गठन किस साल में हुआ --1952 भारत में पहली पंचवर्षीय योजना कब शुरू हुई -- 1951 योजना अवकाश कितने समय तक रहा -- 1966 से  1969    भारत का केन्दिर्य बैंक -- रिजर्व  बैंक ऑफ़ इंडिया  पहला पूर्ण भारतीय बैंक -- पंजाब नेशनल बैंक  पंजाब नेशनल  बैंक की स्थापना किस साल में हुई --1894 भारतीय इम्पीरिल बैंक की स्थपना किस साल में हुई --1921 सार्वजानिक  सबसे बढ़ा बैंक -- भारतीय स्टेट बैंक...

TAX

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TAX कंपनी कर या निगम कर  (CORPORATION TAX)--- कंपनी कर से तात्पर्य उस कर से  है जो एक कंपनी अपनी कर-योग्य आय पर देती है  केबल केंद्र सरकार  को ही कम्पनियो पर कर लगाने का अधिकार है    (1) यह कर कृषि  आय पर नहीं लगाया जा सकता। (2) कंपनी द्वारा दिया गया कर अंशधारीयों  की ओर से दिया हुआ नहीं मन जाता, अत: उन्हें इस सम्बंद में कोई कटौती।  अंशधारियों को प्राप्त लाभांश पर कर देना होगा।  यदि किसी प्रावधान  अंतर्गत लाभांश के सम्बन्ध में  कटौती कर-छूट दी गई है तो अंशधारयो को यह छूट या कटौती मिलेगी।   कर बंचना (TAX EVASION)-- कर बंचना में करारोपण के विधान का स्पष्ट उल्लघन  होता है।  ऐसे कर चोरी कर चोरी कह सकते है।  इसके अंतरगत   व्यक्ति घुटे खर्चे दिखाकर अपनी कुल  आय कम करता है।  अथवा अपनी वास्तविक आय घोषित नहीं करता और अपना कर दायित्व कम कर लेता है कर वंचना अनैतिक एवं  देश के प्रति लाभप्रद नहीं  है  कर वंचना निम्लिखित तरीको से कर वचते है।  (1) बिक...

Inflation (meaning,reason)

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Inflation मुद्रास्फीर्ति  चीजों और बस्तुओ के दामों  में जब बढ़ोत्तरी  है तो उसे   मुद्रास्फीर्ति  कहते है अत: हम दूसरे शब्दों में कह सकते है है की जब बाजार में बस्तुओ दस मूल्यों में जब बढ़ोत्तरी हो तो उसे मुद्रास्फीर्ति  कहते है ! उदहारण द्वारा स्पस्टीकरण  -----   हम लोग मन लेते है की बाजार में आइसक्रीम की कीमत 20 रूपए  है और एक ब्यक्ति 100  रूपए में 5   आइसक्रीम खरीदता है और वही  आइसक्रीम  ब्यक्ति   मुद्रास्फीर्ति के समय में  आइसक्रीम की कीमत बढ़कर 25 रूपए हो जाती है तो   ब्यक्ति अब 100 मात्र 4  आइसक्रीम  खरीद  है ! इस प्रकार हम सकते है है की  मुद्रास्फीर्ति के समय मुद्रा की क्रय शक्ति घट जाती है  और  इसीलिए  बस्तुओ के दामों  में जब बढ़ोत्तरी हो है !   मुद्रास्फीर्ति के कारण-- मुद्रास्फीर्ति के कारण निम्लिखित है  (1) Demand push inflation (2) cost push inflation (3) wage push inflation ...

SHARES (Equity shares and preference shares)

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अंश SHARE share and debencatrs कंपनी  के अंश पूंजी की छोटी से छोटी एक विभाज्य ईकाइ को अंश कहते हैं अंश पूंजी वाली कंपनी की पूंजी को एक निश्चित राशि के जिन हिस्सों में बांटा जाता है उन्हें  अंश कहते है।जैसे, यदि एक कंपनी के अंश पूंजी ₹200000 है और इसे 100-100 के 2000 हिस्सों में बांटा गया है तो इस प्रत्येक हिस्से को अंश कहते है। समता अंश  (Equity Shares) अंशो द्वारा सीमित कंपनी  कि  दशा में समता अंश पूंजी वह है जो पूर्व अधिकार अंश पूंजी नहीं है समता अंश पर लाभांश कंपनी के विभाजन योग्य लाभ में से पूर्वाअधिकार अंश धारियों को लाभांश बांटने के बाद मिलता है और यदि इस बंटवारे के इस बंटवारे के बाद  लाभांश नहीं बचता है तो इन्हें कुछ भी प्राप्त नहीं होता है इनके लाभांश की दर संचालकों के द्वारा निर्धारित की जाती है समता अंश धारी कंपनी के प्रबंध में सक्रिय भाग लेते हैं मताधिकार के द्वारा संचालन मंडल चुनते हैं और वार्षिक सामान्य सभा के द्वारा कंपनी पर नियंत्रण रखते हैं वस्तुतः समता अंश धारी कंपनी के वास्तविक स्वामी होते हैं पूर्वाधिकार अंश  ( ...

साझेदारी (partnership) Introduction, Admission of a new partner, Death of a partner, Dissolution of partnership.. 🍁

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साझेदारी का आशय व्यवसाय को सुचारु रुप से चलाने के लिए साझेदारी का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ गया है साझेदारी का कार्य सुचारु रुप से चलाने एवं उसके उद्देश्य प्राप्त करने में साझेदारी संबंधी लेखांकन का विशेष स्थान है साझेदारी संबंधी लेखांकन के विस्तृत से अध्ययन के पूर्व इसकी परिभाषा आदि का ज्ञान आवश्यक है    व्यापारिक और अव्यापारिक साझेदारी (Trading and Non-trading Partnership)- साझेदारी का मुख्य का निर्माण करना या माल का क्रय विक्रय होता है उसे व्यापारिक साझेदारी कहा जाता है और जो साझेदारी सेवाएं देने के लिए होती है उसे व्यापारिक साझेदारी कहा जाता है जैसे सार्वजनिक पुस्तकालय, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की साझेदारी, आदि साझेदारी के आवश्यक लक्षण ☆ दो या दो से अधिक व्यक्ति का होना - साझेदारी के लिए दो या दो से अधिक व्यक्तियों का होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि एक व्यक्ति स्वयं साझेदार नहीं बन सकता है यदि सामान्य साझेदारी में सदस्यों की संख्या 20 से अधिक तथा बैंकिंग व्यवसाय में लगी साझेदारी में साझेदारों की संख्या 10 से अधिक होती है तो सारी सारी अवैध हो जाती है ...